रक्षा बंधन पर कुछ शायरी, कविता
(रक्षा बंधन की शुभ कामनायें)
राखी का त्यौहार है,
हर तरफ खुशियों की बौंछार है,
बंधा एक धागे में भाई बहन का अटूट प्यार है!
तोड़े से भी ना टूटे, ये ऐसा मन बंधन है,
इस बंधन को सारी दुनिया कहती रक्षा बंधन है।
या रब मेरी दुआओं में इतना असर रहे,
फूलों भरा सदा मेरी बहन का घर रहे।
ये लम्हा कुछ खास है,
बहन के हाथ में भाई का हाथ है,
तेरा भाई हमेशा तेरे साथ है।
बहन का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता,
वो चाहे दूर भी हो तो गम नहीं होता,
अक्सर रिश्ते दूरियों से फीके पड़ जाते है,
पर भाई-बहन का प्यार कभी कम नहीं होता।
याद आता है अक्सर वो गुजरा हुआ जमाना,
तेरी मीठी आवाज में भाई कहकर बुलाना,
वो सुबह स्कूल के लिए तेरा मुझको जगाना,
अब क्या करे बहना यही जिंदगी का तराना।
बहना ने भाई की कलाई से प्यार बाँधा है,
प्यार के दो तार से संसार बाँधा है,
रेशम की डोरी से संसार बाँधा है,
हमें दूर भले किस्मत कर दे,
अपने मन से न जुदा करना,
सावन के पावन दिन भैया,
बहनों को याद किया करना।
हमारी खूबियों को अच्छे से जानती है बहनें,
हमारी कमियों को भी पहचानती है बहनें,
फिर भी हमें सबसे ज्यादा मानती है बहनें।
कच्चे धागों से बनी डोर है राखी,
प्यार और मीठी शरारतों की होड़ है राखी,
भाई की लम्बी उम्र की दुआ है राखी,
बहन के प्यार का धुआं है राखी।
आज मेरे लिए कुछ खास है,
तेरे हाथों में मेरा हाथ है,
मुझे भाई होने का एहसास है,
दिन है प्यारा रक्षा बंधन का,
मेरी बहन है तो सब कुछ मेरे पास है।
मेरा भाई चंदा से भी प्यारा, मेरा भाई सूरज से भी न्यारा,
भाई ने दिया इतना प्यार. ये जीवन मैंने उस पर वारा,
माँ ने दिया जीवन मगर, तुमने ही उसे संवारा,
दुआ है मेरी इतनी की खुशियों से भर जाये उसका सारा जहाँ।
कभी लगती है दादी अम्मा, तो कभी डांटती जैसे हो मेरी अम्मा,
कभी गुस्सा तो कभी रूठ जाती है,
तो कभी प्यार से पास बुलाती, कभी टप टप आंसू बहाती,
तो कभी मंद ही मंद मुस्कुराती, दिल की बड़ी नेक है,
सच कहूँ तो मेरी बहन लाखों में एक है।

Comments
Post a Comment